दुबई : फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में 30 सितंबर को भारतीय पायलट स्मित मछार पर हुए कथित हमले के मामले में यूएई के अधिकारियों ने एयरलाइन के दो मालदीवी सह-पायलटों को हिरासत में लिया है। वे आरोपी ओमानी सह-पायलट हमाम अल-हम्मामी के करीबी बताए जा रहे हैं। जांचकर्ता दोनों से अल-हम्मामी के संपर्कों और उसकी कथित योजना की जानकारी को लेकर पूछताछ कर रहे हैं। उनके साझा ड्यूटी रिकॉर्ड, निजी संदेशों और आवासीय संपर्कों की भी जांच हो रही है। खबरों के मुताबिक, अल-हम्मामी ने अकेले कार्रवाई करने की बात कही है। उसके सोशल मीडिया खातों पर अल-कायदा के पूर्व प्रमुख ओसामा बिन लादेन, अयमान अल-जवाहिरी और 2009 में अफगानिस्तान में सीआईए के ठिकाने पर आत्मघाती हमला करने वाले हमाम खलील अबू-मुलाल अल-बलावी की तस्वीरें मिलने की बात कही गई है। खातों पर इजरायली सैन्य विमानों के फुटेज होने की भी खबर है। अल-कायदा से जुड़े मीडिया मंचों और यमन स्थित संगठन एक्यूएपी ने कथित तौर पर अल-हम्मामी की प्रशंसा की है। हालांकि, यूएई के खुफिया अधिकारियों के अनुसार, उसे अल-कायदा, इस्लामिक स्टेट, हमास या किसी अन्य स्थापित उग्रवादी संगठन से जोड़ने वाला सबूत अब तक नहीं मिला है।
पहले की उड़ानों की पड़ताल
जांचकर्ता इस आशंका की भी पड़ताल कर रहे हैं कि अल-हम्मामी ने घटना की पहले से योजना बनाई थी। खबरों के अनुसार, उसने घटना से पहले दुबई-तेल अवीव मार्ग पर दो बार उड़ान भरी थी। अधिकारी यह भी जांच रहे हैं कि क्या वह 11 सितंबर, 2001 के अमेरिकी हमलों से प्रभावित था और यात्री विमान को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की बात करता था। मामले ने एयरलाइन की भर्ती और सुरक्षा जांच पर सवाल खड़े किए हैं। अधिकारी उसके ओमान में कार्यकाल के दौरान जताई गई कथित चिंताओं और हिरासत में लिए गए दोनों पायलटों की सुरक्षा जांच की भी समीक्षा कर रहे हैं।
