सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजय पुरम -- अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के पर्यावरण एवं वन विभाग ने बाम्बूफ्लैट पुलिस थाने के समन्वय से शोल बे-19 क्षेत्र में संयुक्त गश्त अभियान चलाकर लगभग 13 किलोग्राम संदिग्ध हिरण का मांस और हिरण का एक सिर बरामद किया है। मामले में संबंधित व्यक्ति को आगे की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए मन्नारघाट स्थित वन परिक्षेत्र कार्यालय लाया गया। वन विभाग इस मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई कर रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संयुक्त गश्त अभियान के दौरान एक व्यक्ति के पास से संदिग्ध हिरण के मांस का एक पैकेट बरामद किया गया। इसके बाद संबंधित व्यक्ति के आवासीय परिसर की तलाशी लेने का निर्णय लिया गया। वैध तलाशी वारंट के आधार पर की गई तलाशी के दौरान संदिग्ध हिरण के मांस के 10 अतिरिक्त पैकेट और हिरण का एक सिर बरामद हुआ।
वन विभाग के अनुसार, बरामद संदिग्ध हिरण के मांस की कुल मात्रा लगभग 13 किलोग्राम है। बरामद सामग्री के संबंध में संबंधित व्यक्ति को मन्नारघाट स्थित वन परिक्षेत्र कार्यालय ले जाया गया, जहां मामले की आगे जांच की जा रही है। विभाग संबंधित परिस्थितियों की जांच करते हुए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रहा है।
दक्षिण अंडमान वन प्रभाग ने इस कार्रवाई के बाद आम जनता से द्वीपसमूह के जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा में सहयोग करने की अपील की है। विभाग ने लोगों से अवैध शिकार, वन्यजीवों को अवैध रूप से अपने कब्जे में रखने, उनके परिवहन, भंडारण तथा वन एवं वन्यजीव उत्पादों के अवैध व्यापार से संबंधित किसी भी जानकारी को साझा करने का आग्रह किया है।
इस उद्देश्य के लिए वन विभाग ने हेल्पलाइन संख्या 03192-255228 जारी की है। आम नागरिक इस नंबर पर वन एवं वन्यजीवों से संबंधित अवैध गतिविधियों की जानकारी दे सकते हैं। विभाग ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले व्यक्तियों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, जिससे लोग बिना किसी संकोच के संबंधित अधिकारियों तक आवश्यक जानकारी पहुंचा सकें।
वन विभाग ने कहा है कि द्वीपसमूह की प्राकृतिक संपदा, वन क्षेत्रों और वन्यजीवों का संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है। अवैध शिकार तथा वन्यजीवों से जुड़े गैरकानूनी कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जनता का सहयोग महत्वपूर्ण है। संदिग्ध गतिविधियों की समय पर सूचना मिलने से विभाग को उचित कार्रवाई करने और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायता मिल सकती है।
विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति जागरूक रहें और किसी भी गैरकानूनी गतिविधि की जानकारी मिलने पर उसे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं।
