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सीआरपीएफ ने ग्रामीणों को बढ़ईगीरी के औजार बांटे
২৪/১০/২০২৬

नागालैंड के सेचुमा गांव में नागरिक कार्य कार्यक्रम आयोजित
रोजगार, कौशल विकास और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की पहल
दीमापुर:
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 78वीं बटालियन ने कोहिमा जिले के सेचुमा गांव में 23 अक्टूबर को नागरिक कार्य कार्यक्रम (सीएपी) आयोजित कर जरूरतमंद ग्रामीणों को बढ़ईगीरी के औजार वितरित किए। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय लोगों के कौशल विकास को प्रोत्साहित करना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और ग्रामीणों के लिए आजीविका के स्थायी साधन उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में सीआरपीएफ के अधिकारियों और जवानों के साथ ग्राम परिषद के सदस्य तथा स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए। ग्राम परिषद के अनुरोध पर उठाया कदम
सीआरपीएफ की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, सेचुमा ग्राम परिषद के अध्यक्ष ने स्थानीय लोगों की आजीविका बेहतर बनाने के लिए बढ़ईगीरी के औजार उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। ग्रामीणों के सामने आवश्यक उपकरणों की कमी एक चुनौती थी, जिससे उनके लिए इस काम के जरिए नियमित आमदनी अर्जित करना कठिन हो सकता था।ग्राम परिषद की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 78वीं बटालियन ने नागरिक कार्य कार्यक्रम के तहत औजार वितरण की पहल की। इसका उद्देश्य उन ग्रामीणों को काम के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना है, जो बढ़ईगीरी जैसे व्यावसायिक कौशल के माध्यम से अपनी आजीविका चलाना चाहते हैं। कौशल विकास से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
कार्यक्रम में वितरित औजारों से ग्रामीणों को बढ़ईगीरी का काम शुरू करने अथवा पहले से किए जा रहे काम को आगे बढ़ाने में सहायता मिलने की उम्मीद है। इस तरह की पहल स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने और लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में उपयोगी हो सकती है।बढ़ईगीरी के काम से ग्रामीणों को घरों, फर्नीचर और अन्य लकड़ी से संबंधित जरूरतों के लिए सेवाएं उपलब्ध कराने का अवसर मिल सकता है। इससे उनकी आमदनी बढ़ाने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ पहुंच सकता है। हालांकि, इस पहल से कितने लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, इसकी कोई निश्चित संख्या जारी नहीं की गई है। ग्राम परिषद अध्यक्ष ने जताया आभार
सेचुमा ग्राम परिषद के अध्यक्ष पीटरह्रिएतुओ निपु ने जरूरतमंद ग्रामीणों को औजार उपलब्ध कराने के लिए सीआरपीएफ की 78वीं बटालियन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस सहायता से ग्रामीणों की आजीविका बेहतर बनाने, व्यावसायिक कौशल मजबूत करने और आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल करने में मदद मिलेगी।उन्होंने स्थानीय समुदाय को सहयोग देने के लिए बल की सराहना भी की। कार्यक्रम में शामिल ग्रामीणों ने भी इस पहल के लिए सीआरपीएफ का धन्यवाद किया। समुदाय के साथ संबंध मजबूत करने का प्रयास
सीआरपीएफ की यह पहल सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों के साथ स्थानीय समुदायों के कल्याण और विकास में सहयोग देने के प्रयासों को भी दर्शाती है। नागरिक कार्य कार्यक्रमों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने, व्यावसायिक कौशल को प्रोत्साहित करने और स्थानीय निवासियों के साथ विश्वासपूर्ण संबंध मजबूत करने का प्रयास किया जाता है।सेचुमा में औजार वितरण इसी दिशा में एक कदम है, जिससे ग्रामीणों को आजीविका के अवसर तलाशने में सहायता मिलने की उम्मीद है।মূল প্রতিবেদনে যান ↗