बर्दवान: वर्ष 2021 के बाद-चुनाव हिंसा के मामलों में आरोपी तृणमूल कांग्रेस के चार नेताओं ने सोमवार को बर्दवान के प्रथम अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। वकीलों विश्वजीत दास और समसुल हक ने उनकी जमानत के लिए पैरवी की और उन्हें झूठे मामलों में फंसाए जाने की बात कही। हालांकि, लोक अभियोजक (PP) सदन ने जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, प्रथम अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश बिभास चट्टोपाध्याय ने आत्मसमर्पण करने वाले सभी अभियुक्तों की जमानत मंजूर कर ली। आत्मसमर्पण करने वालों में गौतम हाजरा, जयंत मंडल, बिशु घोष उर्फ विश्वजीत और शेख चांदू हैं। इन आरोपियों के घर बर्दवान थाने के दीवानदिघी और विजयराम इलाकों में हैं। गौतम एक आंचल अध्यक्ष थे, जयंत सरायटिकर पंचायत के उप-प्रधान थे, और बाकी दोनों भी इलाके के प्रभावशाली नेता बताए जा रहे हैं। अदालत के सूत्रों के मुताबिक, विजयराम घोषपाड़ा के निवासी लालटू दास ने इस वर्ष 13 जून को इस घटना के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया कि 18 मई 2921 को रात करीब साढ़े ग्यारह बजे तत्कालीन सत्ताधारी दल के लोगों ने उनके घर पर हमला किया था। उन्होंने उन्हें जातिसूचक गालियां दीं और घर के सामानों में तोड़फोड़ की। अभियुक्तों ने उनकी बेटी की शादी के लिए रखे पांच भरी सोने के गहने भी लूट लिए। इसके बाद उन्हें घर से बाहर खींचकर पीटा गया, जिन्हें पड़ोसियों ने बचाया। उनके घर पर बम भी फेंके गए। जाते समय आरोपियों ने उन्हें घटना की जानकारी पुलिस को न देने की धमकी दी थी। उस समय वह पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने गए थे, लेकिन उनकी शिकायत लिए बिना ही उन्हें वापस लौटा दिया गया था।
