निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बारासात : उत्तर 24 परगना के बारासात अंचल के दत्तोपुकुर थाना इलाके में बुधवार की देर रात जेसोर रोड के पास एक बड़ी घटना सामने आई है, जहां पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर खड़ी एक सफेद कार से भारी मात्रा में विस्फोटक और स्पिल्टर्स बरामद किए। साथ ही मामले में अभियुक्त कार मालिक राकिबुल को गिरफ्तार कर लिया। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा है कि आगामी त्योहारों के सीजन में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश रची जा रही थी। मिली जानकारी के अनुसार बंगाल एसटीएफ को पहले से ही एक सफेद रंग की गाड़ी के जरिए विस्फोटक की तस्करी की पुख्ता खबर मिली थी। इसी सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने दत्तोपुकुर के पास उस संदिग्ध सफेद कार को अपने कब्जे में ले लिया। जब गाड़ी की तलाशी ली गई, तो उसमें कोई मौजूद नहीं था, लेकिन अंदर से लगभग तीन किलो विस्फोटक और लगभग दस किलो अमोनिया सहित कई खतरनाक स्पिल्टर्स और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत पूरे इलाके को घेर लिया। मौके पर बम स्क्वॉड, एसटीएफ, एनआईए और एनएसजी के वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गए। जेसोर रोड से जुड़े कई रास्तों को सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया और युद्धस्तर पर जांच शुरू की गई। बारासात के एसपी एम. मर्सी ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है। गाड़ी में मौजूद विस्फोटक के सटीक प्रकार का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।
कुछ सालों में ही तेजी से उभरा था अभियुक्त राकिबुल इस्लाम
कार की सघन जांच के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राकिबुल इस्लाम नामक व्यक्ति को दत्तोपुकुर से गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती जांच में चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राकिबुल पहले एक साधारण मैकेनिक का काम करता था, लेकिन पिछले कुछ सालों में उसकी संपत्ति और व्यापार में तेजी से उछाल आई। वर्तमान में दत्तोपुकुर के हेमंततला, बीड़ा और देगंगा के बेड़ाचांपा सहित विभिन्न इलाकों में उसके चार मोटरसाइकिल शोरूम संचालित हैं। जांचकर्ताओं का यह भी दावा है कि कुछ साल पहले आमडांगा में हुए एक शोरूम विस्फोट से भी राकिबुल का संबंध था। इसके अलावा जेसोर रोड भारत-बांग्लादेश सीमा के करीब होने के कारण आरोपी की सीमा पार गतिविधियों की भी बारीकी से जांच की जा रही है। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी सरगर्मी तेज हो गई है। बैरकपुर के विधायक और अधिवक्ता कौस्तव बागची ने इस पूरे घटनाक्रम को देश और राज्य को अस्थिर करने की एक गहरी साजिश का हिस्सा बताया है। उन्होंने कहा कि देश भर में माहौल बिगाड़ने की साजिश चल रही है। दत्तोपुकुर का यह मामला उसी की एक छोटी सी बानगी है। उन्होंने पूर्ववर्ती शासनकाल में आरोपी की तेजी से हुई तरक्की पर कटाक्ष करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान सरकार आतंकवाद के मामले में पूरी तरह 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है और राष्ट्रविरोधी ताकतों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।