जामुड़िया : पश्चिम बर्दवान जिले के हिजलगोड़ा स्थित श्यामसेल कारखाने में नवनिर्मित चिमनी के क्षतिग्रस्त होने से हुए भयावह हादसे ने औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दुर्घटना में चार श्रमिकों की मौत की खबर है। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई तथा घटनास्थल पर बचाव और राहत कार्य युद्धस्तर पर चलाया गया।
इस दुर्घटना के बीच जामुड़िया के विधायक डॉ. बिजन मुखर्जी की भूमिका विशेष रूप से चर्चा में रही। जब दुर्गोत्सव के अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और मंत्री पूजा पंडालों में व्यस्त थे, तब विधायक डॉ. मुखर्जी एक जनप्रतिनिधि के साथ-साथ चिकित्सक की जिम्मेदारी निभाते हुए घटनास्थल पर राहत कार्य में जुटे रहे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसे की भयावहता को देखते हुए विधायक स्वयं बचाव अभियान में सक्रिय रहे। उन्होंने अपने हाथों से मलबे में फंसे मृत श्रमिकों के शवों को बाहर निकालने में मदद की। इस दौरान वह उनकी नब्ज भी जांचते रहे, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किसी श्रमिक की सांसें शेष हैं या नहीं। इतना ही नहीं, उन्होंने शवों को वाहनों में रखने में भी सहयोग किया। विधायक की यह सक्रियता मानवीय संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण बनी।
बताया जाता है कि डॉ. मुखर्जी रात करीब दो बजे तक घटनास्थल पर रहकर राहत कार्यों में जुटे रहे। वहीं, मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाकर उन्होंने दुख की इस घड़ी में उन्हें हिम्मत देने का प्रयास किया। हालांकि, दुर्घटना के कारणों और श्रमिकों की सुरक्षा में संभावित चूक को लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों के पालन, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और श्रमिकों की जान की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर दिया है ।
