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विजयादशमी पर त्रिपुरा में सरकारी दरों पर बिकेगी 10,117 किलो मछली
১৬/১০/২০২৬

अगरतला :
विजयादशमी के अवसर पर त्रिपुरा सरकार ने राज्य के लोगों को उचित कीमतों पर ताजी मछली उपलब्ध कराने के लिए विशेष व्यवस्था की है। राज्य के मत्स्य विभाग की ओर से लगभग 10,117 किलोग्राम मछली सरकारी निर्धारित दरों पर बेची जाएगी। इसके लिए पूरे राज्य में 23 बिक्री केंद्र बनाए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य त्योहार के दौरान मछली की बढ़ती मांग को पूरा करना और आम उपभोक्ताओं को उचित कीमतों पर मछली उपलब्ध कराना है। पशु संसाधन विकास विभाग (एआरडीडी) और मत्स्य विभाग के विशेष सचिव एस. प्रभु, आईएफएस ने बताया कि मछली की बिक्री सरकारी मत्स्य फार्मों, प्रजनन केंद्रों, मछली बीज उत्पादन केंद्रों तथा मत्स्य विभाग के अधीक्षकों के कार्यालयों के माध्यम से की जाएगी। इस व्यवस्था से राज्य के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले लोगों को अपने नजदीकी केंद्रों से मछली खरीदने की सुविधा मिलेगी।23 केंद्रों पर होगी बिक्री
विभाग ने राज्य के विभिन्न जिलों में बिक्री केंद्रों की पहचान की है। इनमें कंचनपुर, पानीसागर, धर्मनगर, कुमारघाट, कमालपुर, खोवाई, तेलियामुरा, जिरानिया, सोनामुरा, उदयपुर, अमरपुर, शांतिरबाजार और सबरूम सहित अन्य निर्धारित स्थान शामिल हैं। इन केंद्रों के माध्यम से मछली का वितरण किया जाएगा, ताकि त्योहार के समय उपभोक्ताओं को आपूर्ति की कमी का सामना न करना पड़े।बिक्री के लिए कतला, रोहू, मृगल, कॉमन कार्प और सिल्वर कार्प जैसी लोकप्रिय प्रजातियों को उपलब्ध कराया जाएगा। विभाग ने मछलियों की विभिन्न प्रजातियों के लिए सरकारी दरें पहले ही निर्धारित कर संबंधित अधिकारियों को भेज दी हैं।कीमतों में पारदर्शिता पर जोर
मत्स्य विभाग ने निर्देश दिया है कि प्रत्येक बिक्री केंद्र पर मछलियों की प्रजातिवार कीमतों की सूची प्रदर्शित की जाए। इससे ग्राहकों को खरीदारी से पहले कीमतों की जानकारी मिल सकेगी और निर्धारित दरों पर बिक्री सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। विभागीय अधिकारी और कर्मचारी बिक्री तथा वितरण की व्यवस्था की निगरानी करेंगे।अधिकारियों के अनुसार, विजयादशमी के दौरान मछली की मांग सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में पर्याप्त मात्रा में मछली उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। विभाग ने लोगों से अपने नजदीकी निर्धारित बिक्री केंद्रों पर पहुंचकर इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है।सरकार की इस पहल से त्योहार के दौरान बाजार में मछली की उपलब्धता बढ़ने और उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही, निर्धारित कीमतों पर बिक्री की व्यवस्था से बाजार में कीमतों की अनियमितता पर अंकुश लगाने में भी सहायता मिल सकती है।মূল প্রতিবেদনে যান ↗