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नागालैंड में तंबाकू मुक्ति अभियान को मिलेगी गति
২৪/১০/২০২৬

प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में तंबाकू छोड़ने की सलाह होगी नियमित
स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण के लिए नई मार्गदर्शिका जारी
टीबी और तंबाकू के संबंध पर भी जोर
कोहिमा:
नागालैंड में तंबाकू सेवन छोड़ने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित करने की पहल शुरू की गई है। राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के तहत नई दिल्ली की संस्था वाइटल स्ट्रेटेजीज के सहयोग से यह कार्यक्रम शुरू किया। इसका मुख्य उद्देश्य तंबाकू छोड़ने संबंधी संक्षिप्त सलाह को राज्यभर की नियमित प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का हिस्सा बनाना है। यह कार्यक्रम शुक्रवार को कोहिमा स्थित स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण निदेशालय में आयोजित किया गया।स्वास्थ्यकर्मियों के लिए प्रशिक्षण सामग्री जारी
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों को तंबाकू छोड़ने के लिए लोगों की मदद करने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से दो महत्वपूर्ण दस्तावेज जारी किए गए। इनमें स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण के लिए फैसिलिटेटर गाइड और नागालैंड रेफरेंस मैनुअल शामिल हैं। इन्हें वाइटल स्ट्रेटेजीज और राज्य की एनटीसीपी टीम ने संयुक्त रूप से तैयार किया है। इन दस्तावेजों के माध्यम से स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों से बातचीत के दौरान तंबाकू सेवन के नुकसान बताने, इसे छोड़ने के लिए प्रेरित करने और जरूरत पड़ने पर उपयुक्त सहायता तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इस पहल के तहत मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे आगे जिलों में अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को भी प्रशिक्षण दे सकें।स्वास्थ्य सेवाओं में नियमित परामर्श पर जोर
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की सचिव एस. तैनियू ने कहा कि तंबाकू छोड़ने के प्रयासों को केवल कभी-कभार चलने वाले जागरूकता अभियानों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। इसे नियमित स्वास्थ्य सेवाओं का हिस्सा बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्यकर्मी जीवन के विभिन्न चरणों में लोगों के संपर्क में आते हैं। यदि सामान्य स्वास्थ्य परामर्श के दौरान तंबाकू छोड़ने की संक्षिप्त सलाह भी दी जाए, तो अधिक लोगों तक सहायता पहुंचाई जा सकती है। इससे तंबाकू छोड़ने की प्रक्रिया को सुलभ और निरंतर बनाने में मदद मिलेगी।टीबी और गैर-संचारी रोग कार्यक्रमों से समन्वय
कार्यक्रम में विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर भी जोर दिया गया। इसमें सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय तपेदिक उन्मूलन कार्यक्रम, गैर-संचारी रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम और राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम को जोड़ने की बात कही गई।वाइटल स्ट्रेटेजीज के तंबाकू मुक्ति विशेषज्ञ डॉ. उपेंद्र सिंह भदौरिया ने तकनीकी सत्रों का संचालन किया। इनमें मरीजों को सलाह देने का दायरा बढ़ाने, टीबी और तंबाकू सेवन के बीच संबंधों पर ध्यान देने तथा कार्यक्रम की निगरानी और मूल्यांकन के तरीकों पर चर्चा हुई।जिलों में कार्ययोजना बनाने की तैयारी
कार्यशाला के समापन पर जिला स्तरीय कार्ययोजनाओं पर प्रस्तुतियां और विचार-विमर्श हुआ। इसमें भाग लेने वाले स्वास्थ्य अधिकारियों और मास्टर ट्रेनर्स को प्रमाणपत्र भी दिए गए।মূল প্রতিবেদনে যান ↗