कोलकाता : पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन का असर अब कोलकाता की दुर्गा पूजा समितियों को मिलने वाले सरकारी सम्मानों पर भी दिखाई देने लगा है। वर्ष 2026 के देवी दुर्गा सम्मान पुरस्कारों की घोषित सूची में कई ऐसी चर्चित पूजा समितियों को जगह नहीं मिली है, जो लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस के नेताओं से जुड़ी रही थीं।
वहीं, कुछ नई पूजा समितियों ने इस बार पुरस्कार सूची में अपनी जगह बनाई है। भाजपा सरकार के कार्यकाल में घोषित ये पुरस्कार राज्य की दुर्गा पूजा से जुड़ी नई तस्वीर पेश कर रहे हैं।
पुरानी समितियां सूची से बाहर
इस वर्ष पुरस्कार सूची से बाहर रहने वाली प्रमुख समितियों में न्यू अलीपुर की सुरुचि संघ, चेतला अग्रणी, एकडालिया एवरग्रीन, श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब, गरियाहाट का हिंदुस्तान क्लब और त्रिधारा सम्मिलनी शामिल हैं।
इन पूजा समितियों का संबंध क्रमशः अरूप बिस्वास, फिरहाद हकीम, दिवंगत सुब्रत मुखर्जी, सुजीत बोस, चंद्रिमा भट्टाचार्य और देबाशीष कुमार जैसे तृणमूल नेताओं से रहा है। इस बदलाव को राज्य में राजनीतिक सत्ता परिवर्तन के बाद पूजा पुरस्कारों की प्राथमिकताओं में आए बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
नई पूजा समितियों को मिला सम्मान
इस बार कम से कम पांच नई पूजा समितियों को पुरस्कार सूची में शामिल किया गया है। मध्य कोलकाता के संतोष मित्रा स्क्वायर को ‘सेरार सेरा’ यानी सर्वश्रेष्ठ में सर्वश्रेष्ठ का पुरस्कार मिला है। भाजपा विधायक सजल घोष इस पूजा से जुड़े हैं।
पार्क स्ट्रीट के एलन पार्क को पर्यावरण-अनुकूल पूजा, बेहाला अरुणोदय समिति को श्रेष्ठ प्रतिमा, श्यामबाजार की श्याम स्क्वायर सार्वजनिक पूजा को विशेष पुरस्कार और पिकनिक गार्डन की वृंदावन गार्डन दुर्गा पूजा समिति को ‘सेरार सेरा’ श्रेणी में सम्मानित किया गया है।
23 पूजा समितियां सात श्रेणियों में सम्मानित
हरिदेवपुर की अजेय संघति को सामाजिक जागरूकता श्रेणी में पुरस्कार मिला है। विधानसभा की सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों की स्थायी समिति के अध्यक्ष रुद्रनील घोष ने सुरुचि संघ के प्रदर्शन पर टिप्पणी की।
वहीं, सुरुचि संघ के सौरव सिकदर ने नए आयोजकों को प्रोत्साहित करने के फैसले का समर्थन किया। चेतला अग्रणी के सब्यसाची चौधरी ने कहा कि निर्णायकों ने अपने विवेक से फैसला किया है।
इस वर्ष कुल 23 पूजा समितियों को सात श्रेणियों में सम्मानित किया गया है। ‘सेरार सेरा’ विजेताओं को एक-एक लाख रुपये, जबकि अन्य पुरस्कार विजेताओं को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी 26 अक्टूबर को मिलन मेला में आयोजित विजय सम्मेलनी कार्यक्रम में पुरस्कार प्रदान करेंगे।
