रियाद : सऊदी अरब ने दावा किया है कि यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से मक्का और मदीना क्षेत्रों की तरफ दागी गईं दो बैलिस्टिक मिसाइलों को उसकी रक्षा प्रणालियों ने हवा में ही नाकाम कर दिया। हालांकि, रोकी गई मिसाइलों के टुकड़े मक्का और मदीना क्षेत्रों के कई स्थानों पर गिरे। इनमें जेद्दा, ताइफ और राबिग शामिल हैं। सऊदी नागरिक सुरक्षा विभाग ने इसकी जानकारी दी। इस्लाम के दो सबसे पवित्र शहरों मक्का और मदीना को निशाना बनाने की खबर ने क्षेत्रीय तनाव बढ़ा दिया है। हालांकि, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने इन शहरों पर हमले के सऊदी दावे को खारिज करते हुए इसे झूठ बताया। उन्होंने कहा कि पवित्र स्थलों को निशाना बनाने संबंधी आरोप निराधार हैं।
मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने हमले की निंदा की
सऊदी अरब के मक्का और मदीना क्षेत्रों को निशाना बनाकर किए गए हूती मिसाइल हमलों की ‘मुस्लिम वर्ल्ड लीग’ ने रविवार को निंदा की और कहा कि ये हमले मुसलमानों के प्रमुख धर्म स्थलों की पवित्रता का उल्लंघन करते हैं। ‘सऊदी सिविल डिफेंस’ ने बताया कि शनिवार को इन दोनों क्षेत्रों की ओर दागी गईं दो बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच रास्ते में ही मार गिराया गया। अपने बयान में, मुस्लिम वर्ल्ड लीग के महासचिव मोहम्मद बिन अब्दुलकरीम अल-ईसा ने इन हमलों को दो अरब से अधिक मुसलमानों की भावनाओं के लिए एक ‘‘खतरनाक उकसावा’’ बताया। लीग ने कहा कि ये हमले ‘‘(इस्लाम) धर्म और मुसलमानों के साथ विश्वासघात’’ हैं। साथ ही, उसने सऊदी अरब के साथ अपनी ‘‘पूरी एकजुटता’’ दोहराई, जो हमलों को रोकने और धार्मिक स्थलों तथा नागरिकों की सुरक्षा के लिए कदम उठा रहा है।
भारतीय नागरिकों को मिसाइल रोधी कार्रवाई के वीडियो बनाने से बचने की सलाह
भारत ने रविवार को सऊदी अरब में रह रहे अपने नागरिकों को स्थानीय नियमों और विनियमों का पालन करने तथा मिसाइलों और ड्रोन को हवा में रोकने से जुड़ी घटनाओं का वीडियो बनाने या उनसे संबंधित जानकारी प्रसारित करने से बचने की सलाह दी। यह परामर्श क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच आया है। यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए जा रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों की कई घटनाओं के कारण क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। भारतीय दूतावास ने सऊदी अरब के नागरिक सुरक्षा निदेशालय की ओर से जारी अधिसूचना को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की कार्रवाई तथा उनके गिरने या प्रभाव वाले स्थानों से जुड़ी जानकारी की वीडियो बनाना, उसे प्रसारित या साझा करना आपको कानूनी कार्रवाई के दायरे में ला सकता है।