नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में बढ़ते सुरक्षा तनाव और यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों के मद्देनजर भारतीय विमानन कंपनियों ने सऊदी अरब के लिए अपनी उड़ानों के निलंबन की अवधि बढ़ा दी है। एअर इंडिया ने रियाद, दम्माम और जेद्दा से आने-जाने वाली अपनी सभी उड़ानें 20 अक्टूबर 2026 तक रद्द रखने का फैसला किया है। इससे पहले कंपनी ने 17 अक्टूबर तक उड़ानें स्थगित करने की घोषणा की थी।
एअर इंडिया के इस फैसले से सऊदी अरब जाने और वहां से भारत लौटने की योजना बना रहे यात्रियों को अपनी यात्रा में बदलाव करना पड़ सकता है। कंपनी ने कहा है कि वह क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और परिस्थितियों की समीक्षा के बाद ही उड़ानों का संचालन दोबारा शुरू करने का निर्णय लेगी। उड़ानें रद्द होने से प्रभावित यात्रियों को पूरा किराया वापस किया जा रहा है।
इस बीच, इंडिगो ने भी सऊदी अरब के लिए अपनी उड़ानों का निलंबन 24 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है। वहीं, अकासा एयर ने रियाद के लिए उड़ानें 24 अक्टूबर और जेद्दा के लिए 21 अक्टूबर तक स्थगित रखने की घोषणा की है। इन फैसलों से संकेत मिलता है कि क्षेत्र में हवाई परिचालन को लेकर विमानन कंपनियां फिलहाल सतर्क रुख अपना रही हैं।
तीनों विमानन कंपनियों के फैसले पर एक नजर
एअर इंडिया
20 अक्टूबर तक
रियाद, दम्माम और जेद्दा के लिए आने-जाने वाली उड़ानें रद्द। प्रभावित यात्रियों को पूरा किराया वापस देने की बात कही गई है।
इंडिगो
24 अक्टूबर तक
रियाद, जेद्दा, दम्माम और मदीना से संबंधित उड़ानें 24 अक्टूबर तक रद्द रखने की घोषणा की गई है। यात्रियों को रिफंड या बिना अतिरिक्त शुल्क के यात्रा पुनर्निर्धारित करने का विकल्प दिया गया है।
अकासा एयर
अलग-अलग तारीखें
रियाद के लिए उड़ानें 24 अक्टूबर तक और जेद्दा के लिए 21 अक्टूबर तक स्थगित की गई हैं।
हूती विद्रोहियों के हमलों से क्यों बढ़ा संकट?
यमन में सक्रिय हूती विद्रोही संगठन और सऊदी अरब के बीच तनाव क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। हाल के दिनों में सऊदी अरब के नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइल हमलों की खबरें सामने आई हैं। इन घटनाओं के कारण हवाई अड्डों की सुरक्षा और विमानों के सुरक्षित संचालन को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की 12 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमलों के बाद हवाई परिचालन प्रभावित हुआ और कई अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों ने सऊदी अरब के लिए अपनी उड़ानें रद्द या स्थगित कर दीं।
इसका असर केवल भारतीय विमानन कंपनियों तक सीमित नहीं रहा। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने भी अपने उड़ान कार्यक्रमों में बदलाव किए हैं। हालांकि, हर कंपनी का निर्णय अलग-अलग मार्गों और परिचालन स्थितियों पर निर्भर करता है।
यात्रियों पर क्या पड़ेगा असर?
उड़ानें रद्द होने से सऊदी अरब में काम करने वाले भारतीय नागरिकों, कारोबारियों, पर्यटकों और अपने परिवारों से मिलने जाने वाले यात्रियों की योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। विशेष रूप से रियाद, जेद्दा और दम्माम के लिए टिकट बुक कराने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा की स्थिति की पुष्टि करनी चाहिए।
यात्रियों के लिए कुछ जरूरी बातें:
उड़ान की पुष्टि करें: हवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले संबंधित एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट, ऐप या ग्राहक सेवा से उड़ान की नवीनतम स्थिति जांचें।
रिफंड और रीबुकिंग की जानकारी लें: एअर इंडिया ने प्रभावित यात्रियों को पूरा रिफंड देने की बात कही है। इंडिगो ने रिफंड और बिना अतिरिक्त शुल्क के तारीख बदलने का विकल्प घोषित किया है।
ट्रैवल एजेंट से संपर्क करें: यदि टिकट किसी ट्रैवल एजेंसी या ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म से लिया गया है, तो बदलाव या रिफंड के लिए उसी माध्यम से संपर्क करना पड़ सकता है।
नई बुकिंग में सावधानी रखें: वैकल्पिक उड़ान लेने से पहले उसके संचालन की पुष्टि करें। दूसरी एयरलाइन की उड़ान उपलब्ध होने का अर्थ यह नहीं है कि वह हर स्थिति में संचालित होगी।
आगे क्या हो सकता है?
फिलहाल विमानन कंपनियों ने उड़ानें बहाल करने की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की है, जो निर्धारित निलंबन अवधि से आगे की हो। एअर इंडिया ने कहा है कि वह क्षेत्र की परिस्थितियों पर लगातार नजर रख रही है और सुरक्षित परिचालन शुरू करने के लिए स्थिति का आकलन कर रही है।
