भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज का अंत धमाकेदार अंदाज में किया। रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में मंगलवार, 20 अक्टूबर को खेले गए तीसरे और आखिरी टी20 मुकाबले में भारत ने जिम्बाब्वे को 92 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली। भारत की इस जीत की सबसे बड़ी नायिका हरमनप्रीत कौर रहीं, जिन्होंने महज 41 गेंदों पर नाबाद 91 रन की विस्फोटक पारी खेली। वहीं, शेफाली वर्मा ने 37 गेंदों पर 69 रन बनाकर लगातार दूसरा अर्धशतक लगाया। बल्लेबाजों के बाद गेंदबाजों ने भी दम दिखाया और जिम्बाब्वे की टीम को 20 ओवर में सात विकेट पर 124 रन तक ही रोक दिया।
शेफाली ने दी तेज शुरुआत, हरमनप्रीत ने मचाया धमाल
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने आक्रामक शुरुआत की। नियमित सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने इस मुकाबले में अनुष्का शर्मा को शेफाली वर्मा के साथ पारी की शुरुआत करने का मौका दिया। दोनों ने पहले विकेट के लिए 32 गेंदों पर 54 रन जोड़े। अनुष्का ने 20 गेंदों पर 28 रन बनाए, जिसमें चार चौके और एक छक्का शामिल रहा। दूसरी ओर, शेफाली ने अपने आक्रामक अंदाज को जारी रखा। उन्होंने 37 गेंदों पर 69 रन बनाए। उनकी पारी में छह चौके और पांच छक्के शामिल रहे। स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ स्वीप शॉट और तेज गेंदों पर बड़े शॉट लगाकर उन्होंने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को दबाव में रखा। शेफाली का यह लगातार दूसरा अर्धशतक था, जिसने भारतीय पारी को मजबूत आधार दिया।
शेफाली के आउट होने के बाद हरमनप्रीत कौर ने मोर्चा संभाला। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और मैदान के चारों ओर शॉट लगाए। हरमनप्रीत ने केवल 25 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और इसके बाद भी तेजी से रन बनाना जारी रखा। उन्होंने 41 गेंदों पर नाबाद 91 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और पांच छक्के शामिल थे। उनकी पारी के दम पर भारत ने निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट के नुकसान पर 216 रन बनाए।
आखिरी पांच ओवर में भारतीय बल्लेबाजों की आतिशबाजी
भारतीय टीम ने पारी के अंतिम चरण में रन बनाने की रफ्तार और तेज कर दी। आखिरी पांच ओवरों में टीम ने 62 रन जोड़े। इस दौरान विकेट भी गिरे, लेकिन हरमनप्रीत ने रन गति को कम नहीं होने दिया। भारत का 216 रन का स्कोर जिम्बाब्वे के सामने बड़ी चुनौती बन गया। जिम्बाब्वे की ओर से बिलव्ड बीजा ने तीन विकेट हासिल किए, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों को बड़े स्कोर तक पहुँचने से रोकने में टीम नाकाम रही। शेफाली और हरमनप्रीत की पारियों ने मुकाबले का रुख भारत के पक्ष में कर दिया था।
शार्ने मायर्स ने किया संघर्ष, नंदनी ने तोड़ी उम्मीदें
217 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत खराब रही। केलिस नधलोवु पहली ही गेंद पर आउट हो गईं। इसके बाद शार्ने मायर्स ने पारी को संभालने की कोशिश की। उन्होंने 49 गेंदों पर 60 रन बनाए, जिसमें चार चौके और चार छक्के शामिल थे। बिलव्ड बीजा ने भी 44 रन बनाकर उनका साथ दिया।
हालाँकि, जिम्बाब्वे की टीम लगातार विकेट गिरने के कारण लक्ष्य के करीब नहीं पहुँच सकी। भारत की ओर से नंदनी शर्मा सबसे सफल गेंदबाज रहीं। उन्होंने चार ओवर में 18 रन देकर तीन विकेट लिए। उनके अलावा क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, दीप्ति शर्मा और निकी प्रसाद ने एक-एक विकेट हासिल किया। जिम्बाब्वे की टीम निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट पर 124 रन ही बना सकी और भारत ने 92 रन से मुकाबला जीत लिया।
लगातार 11वीं टी20 जीत, अब वनडे सीरीज पर नजर
इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की टी20 सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया। टीम की टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में जीत का सिलसिला भी लगातार 11 मुकाबलों तक पहुँच गया। यह घरेलू मैदान पर रन के अंतर से भारत की सबसे बड़ी महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय जीत भी रही।
इस सीरीज में शेफाली वर्मा ने तीन मैचों में कुल 128 रन बनाकर बल्लेबाजी में शानदार प्रदर्शन किया। नंदनी शर्मा ने भी गेंद से प्रभाव छोड़ा और तीन मैचों में छह विकेट हासिल किए। हरमनप्रीत की नाबाद 91 रन की पारी ने निर्णायक मुकाबले में भारत की जीत को यादगार बना दिया। अब भारतीय टीम की नजर जिम्बाब्वे के खिलाफ आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज पर होगी। इसका पहला मुकाबला 23 अक्टूबर को वडोदरा में खेला जाएगा। टी20 सीरीज में एकतरफा जीत के बाद भारतीय टीम वनडे प्रारूप में भी इसी लय को बरकरार रखना चाहेगी।
