संजय सन्मार्ग संवाददाता
खून से सने हथियार के साथ गांव में मचाया उत्पात
जानकारी के मुताबिक, अभियुक्त मंगल चौधरी ने सबसे पहले अपनी एक उंगली काटी। इसके बाद उसने घर के भीतर ही अपनी 39 वर्षीय पत्नी रूम्पा चौधरी की बलि दे दी और उसका कटा हुआ सिर घर के पूजा स्थल पर त्रिशूल के सामने रख दिया। पत्नी की जान लेने के बाद उसने अपने 60 वर्षीय पिता राजेंद्र चौधरी पर भी धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद अभियुक्त हाथ में खून से सना हथियार लेकर पूरे गांव में घूमता रहा और आतंक मचाता रहा।
कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने दबोचा
गांव में दहशत का माहौल देख ग्रामीणों ने तुरंत सोनामुखी थाने की पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस को हिंसक हो चुके अभियुक्त को काबू में करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। आखिरकार पुलिस ने मंगल चौधरी को गिरफ्तार कर लिया और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र का शक
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, अभियुक्त और उसकी पत्नी नियमित रूप से घर के मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना करते थे। चर्चा यह भी है कि उनके घर में अक्सर एक तांत्रिक का आना-जाना था। ऐसे में यह आशंका जताई जा रही है कि इस दोहरे हत्याकांड के पीछे तंत्र-मंत्र या अंधविश्वास का गहरा खेल हो सकता है।
एक ही परिवार के दो सदस्यों की निर्मम हत्या से पूरे गांव में मातम और भय का माहौल है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से गहन तफ्तीश की जा रही है और जल्द ही इस जघन्य हत्याकांड के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा।
