कोलकाता : महिलाओं की शक्ति, संघर्ष, उपलब्धियों और आत्मनिर्भरता को सम्मान देने के उद्देश्य से हयात सेंट्रिक बालीगंज कोलकाता में ‘वॉल ऑफ शक्ति–ए सैल्यूट टू वुमनहुड’ कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इंद्रनील के. मैत्रा की परिकल्पना और प्रसिद्ध कलाकार पृथ्वीराज चौधरी की रचनात्मक प्रस्तुति से तैयार इस कलाकृति के माध्यम से नारी शक्ति के विविध स्वरूपों को दर्शाया गया।
इस वॉल आर्ट को आठ अलग-अलग हिस्सों में तैयार किया गया था। आठ विशिष्ट महिलाओं ने एक-एक हिस्से को दीवार पर स्थापित किया। अंतिम हिस्सा लगने के साथ पूरी कलाकृति आकार में आई, जो महिलाओं की एकजुटता और समाज की प्रगति में उनकी भूमिका का प्रतीक बनी।
कार्यक्रम में प्रोफेसर मानोशी रॉय चौधरी, शांति दास, डॉ. रूपाली बसु, संजुक्ता बोस, रिताभरी चक्रवर्ती, रीता भीमानी, प्रीति पटेल और ऋचा शर्मा को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में इमरान जकी, शहंशाह मिर्जा, कनकलता दत्ता, स्मिता रॉय चौधरी, रुचिका गुप्ता, सत्राजित सेन और सुदर्शन चक्रवर्ती अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
पृथ्वीराज चौधरी ने कहा कि यह कलाकृति महिलाओं की दृढ़ता और बदलाव लाने की क्षमता को समर्पित है। वहीं, होटल के महाप्रबंधक मनु नायर ने बताया कि ‘शक्ति रूपे रूपे’ अभियान बंगाल की सांस्कृतिक पहचान और महिलाओं के योगदान का उत्सव है।
