सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजय पुरम -- उत्तर व मध्य अंडमान जिले के उपायुक्त सुशांत पाधा ने जिले में अफ्रीकी स्वाइन फ्लू की रोकथाम, उस पर काबू पाने और नियंत्रण की तैयारियों की समीक्षा तथा उपायों को मजबूत करने के लिए पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों और विभागाध्यक्षों के साथ बैठक की। बैठक में उपायुक्त ने रोग का प्रसार रोकने के लिए सभी संबंधित विभागों, पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय समुदायों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को कड़ी निगरानी रखने, संदिग्ध मामलों की तुरंत सूचना देने और निर्धारित निवारक उपायों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
पशु चिकित्सा विभाग को सूअर पालकों और आम लोगों के बीच अफ्रीकी स्वाइन फ्लू के लक्षणों, संक्रमण फैलने के तरीकों और इसके प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक सावधानियों के बारे में जागरूकता गतिविधियां तेज करने का निर्देश दिया गया। प्रभावित क्षेत्रों से बिना उचित अनुमति के सूअरों और पोर्क उत्पादों की आवाजाही को हतोत्साहित करने और सक्षम प्राधिकारियों द्वारा जारी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
उपायुक्त ने पंचायती राज संस्थाओं से गांव स्तर पर परामर्श पहुंचाने, सूअर पालकों को जागरूक करने और संदिग्ध मामलों की समय पर सूचना के लिए पशु चिकित्सा विभाग के साथ समन्वय करके प्रशासन का सक्रिय सहयोग करने का आह्वान किया। विभागाध्यक्षों को हर आवश्यक सहायता देने और नामित जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ घनिष्ठ समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना तुरंत पशु चिकित्सा विभाग को दी जानी चाहिए और आगे संक्रमण का खतरा कम करने के लिए उचित जैव सुरक्षा, स्वच्छता और नियंत्रण उपायों का पालन किया जाना चाहिए।
बैठक में पशुधन की सुरक्षा और उत्तर व मध्य अंडमान जिले के सूअर पालकों की आजीविका बचाने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी, समय पर सूचना साझा करने और सामुदायिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया गया। जिला प्रशासन ने सभी सूअर पालकों, पशुपालकों और आम लोगों से सतर्क रहने, आधिकारिक परामर्शों का पालन करने और अफ्रीकी स्वाइन फ्लू पर काबू पाने के सामूहिक प्रयास में संबंधित विभागों का सहयोग करने की अपील की।
