सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजय पुरम -- अंडमान और निकोबार प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रचार समिति के अध्यक्ष टीएसजी भास्कर ने अंडमान और निकोबार प्रशासन से उत्तर और मध्य अंडमान के निवासियों को प्रभावित करने वाले स्वास्थ्य सुविधाओं, सड़क संपर्क और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच सहित कई मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
अंडमान और निकोबार प्रशासन के मुख्य सचिव को संबोधित पत्र में भास्कर ने डिगलीपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में रक्त जांच सहित आवश्यक नैदानिक सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया और कहा कि इसके कारण मरीजों को जांच के लिए श्री विजय पुरम जाना पड़ता है। उन्होंने सभी सीएचसी में सीटी स्कैन और एक्स-रे सुविधा, योग्य तकनीशियनों की नियुक्ति तथा जिला स्वास्थ्य केंद्रों में एमआरआई सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।
उन्होंने सीएचसी डिगलीपुर में खराब पड़े जनरेटर पर भी चिंता जताई और कहा कि बार-बार बिजली कटौती से मरीजों की देखभाल और अस्पताल का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने अधिकारियों से निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जनरेटर की तुरंत मरम्मत करने या उसे बदलने का आग्रह किया।
भास्कर ने सीएचसी डिगलीपुर, मायाबंदर स्थित डॉक्टर आर.पी. अस्पताल और सीएचसी रंगत में विशेषज्ञ डॉक्टरों, विशेषकर स्त्री रोग विशेषज्ञों के नियमित दौरे की भी मांग की। उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं को अक्सर नियमित परामर्श और अनुवर्ती जांच के लिए श्री विजय पुरम जाना पड़ता है, जिससे अतिरिक्त खर्च होता है और कठिन सड़क व नाव यात्राएं करनी पड़ती हैं।
किशोरीनगर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की हालत की ओर ध्यान दिलाते हुए उन्होंने क्षतिग्रस्त दीवारों और छतों, टपकती छतों तथा आवश्यक दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की कमी का उल्लेख किया। उन्होंने प्रशासन से मध्य और उत्तर अंडमान के सभी पीएचसी का व्यापक निरीक्षण कर उनके बुनियादी ढांचे का आकलन करने और आवश्यक सुधारों की पहचान करने का आग्रह किया।
सड़क संपर्क पर भास्कर ने राष्ट्रीय राजमार्ग-4 को उत्तर और मध्य अंडमान के निवासियों की जीवनरेखा बताया और इसके कई हिस्सों की खराब हालत पर चिंता जताई। उन्होंने मुख्य सचिव से लंबित कार्यों में तेजी लाने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय तथा राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड के समक्ष यह मामला उठाने का आग्रह किया।
उन्होंने निवासियों को परिवहन के भरोसेमंद विकल्प उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त यात्री क्षमता वाली नियमित अंतर-द्वीपीय नौका सेवाओं की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
दोनों क्षेत्रों की ग्रामीण सड़कों की हालत पर प्रकाश डालते हुए भास्कर ने कहा कि जर्जर सड़कें मरीजों, स्कूली बच्चों, कर्मचारियों और अन्य यात्रियों के लिए रोजाना की आवाजाही कठिन बना रही हैं। उन्होंने अंडमान लोक निर्माण विभाग से व्यापक निरीक्षण कराने और ग्रामीण सड़क ढांचे में सुधार के लिए पंचायती राज संस्थाओं को पर्याप्त धनराशि देने की मांग की।
भास्कर ने उर्वरक खरीद, उचित मूल्य की दुकानों के लेन-देन और जहाज टिकट बुकिंग सहित आवश्यक सेवाओं के लिए ऑनलाइन प्रणालियों पर बढ़ती निर्भरता पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि खराब इंटरनेट संपर्क, बार-बार बिजली कटौती और सीमित डिजिटल साक्षरता के कारण ग्रामीणों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उनके अनुसार, निवासियों को अक्सर इन सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है और वहां पहुंचकर पता चलता है कि ऑनलाइन सर्वर काम नहीं कर रहे हैं, जिससे उन्हें किसी और दिन लौटना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से डिजिटल प्रणालियों के साथ-साथ ऑफलाइन और काउंटर आधारित सुविधाएं भी बनाए रखने का आग्रह किया, ताकि तकनीकी समस्याओं या संपर्क की दिक्कतों के कारण नागरिक आवश्यक सेवाओं से वंचित न हों।
भास्कर ने मुख्य सचिव से व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप कर संबंधित विभागों को इन मुद्दों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया।
