लिपिका वर्मा
आपकी आने वाली फिल्म का नाम ‘तुम मेरे हो’ है। इस टाइटल का आपके लिए क्या मतलब है?
गुरमीत : ‘तुम मेरे हो’ प्यार में अपनेपन और एक-दूसरे पर अधिकार की भावना को दर्शाता है। यह उस एहसास की तरह है, जब कोई कहता है, “तुम मेरे हो और मैं तुम्हारा हूँ।” यह दो ऐसे लोगों के बीच गहरे भावनात्मक जुड़ाव को दिखाता है, जो एक-दूसरे से बेहद प्यार करते हैं।
ईशा, यह फिल्म आपका बॉलीवुड डेब्यू है। आपके लिए यह पल कितना खास है?
ईशा : यह फिल्म मेरे लिए बहुत खास है और मेरे दिल के बेहद करीब है। मैं भविष्य में चाहे कितनी भी फिल्में कर लूँ, ‘तुम मेरे हो’ हमेशा मेरे लिए यादगार रहेगी, क्योंकि इसी फिल्म से मैंने बॉलीवुड में अपना पहला कदम रखा है। मैं पहले एक पंजाबी फिल्म में भी काम कर चुकी हूँ और आगे भी कई प्रोजेक्ट्स करना चाहती हूँ। लेकिन इस फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू करना और गुरमीत के साथ स्क्रीन शेयर करना मेरे लिए इस अनुभव को और भी खास बनाता है। सच कहूँ तो अपनी भावनाओं को शब्दों में बयां करना मेरे लिए मुश्किल है। मैं बहुत खुश और उत्साहित हूँ, लेकिन साथ ही थोड़ी नर्वस भी हूँ।
गुरमीत, इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनकर कैसा लग रहा है, खासकर जब यह आपकी होम प्रोडक्शन फिल्म भी है ?
गुरमीत : हम रेवा के साथ मिलकर इस फिल्म को प्रोड्यूस कर रहे हैं और हम सभी इसे लेकर बहुत उत्साहित हैं। इस फिल्म से कई भावनाएँ जुड़ी हुई हैं। हम खुश भी हैं, थोड़े नर्वस भी हैं और यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि दर्शक इसे कैसी प्रतिक्रिया देते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि ‘तुम मेरे हो’ एक म्यूजिकल रोमांटिक ड्रामा है। भारतीय सिनेमा में संगीत की बहुत अहम भूमिका होती है। जब किसी फिल्म के गाने अच्छे होते हैं, तो वे अक्सर दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच लाते हैं। हमारे ट्रेलर और गानों को पहले ही अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है और वे ट्रेंड भी कर रहे हैं। इससे हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है, लेकिन अभी हमें काफी काम करना है। फिल्म की रिलीज में कुछ ही दिन बाकी हैं, इसलिए हम अपनी तरफ से पूरी मेहनत करना चाहते हैं। ईशा, रियलिटी टेलीविजन से फिल्मों तक आपके सफर में कई पड़ाव आए हैं। आप अपनी इस यात्रा को किस तरह देखती हैं?
ईशा : यह एक बहुत खूबसूरत सफर रहा है, क्योंकि मेरे करियर में अलग-अलग दौर आए हैं। कई बार चीजें मेरी उम्मीद के मुताबिक नहीं हुईं या मुझे ऐसे मौके नहीं मिले, जिनकी मैं उम्मीद कर रही थी। लेकिन धीरे-धीरे चीजें सही होने लगी हैं और अब मुझे लग रहा है कि मैं उस दिशा में आगे बढ़ रही हूँ, जहाँ मैं हमेशा से जाना चाहती थी। हर कलाकार का सपना होता है कि उसे अच्छे मौके मिलें, किसी अच्छे प्रोडक्शन हाउस के साथ काम करने का अवसर मिले और वह यादगार किरदार निभा सके। मैं खुद को खुशकिस्मत मानती हूँ कि अब मेरे साथ ये सब हो रहा है। मेरे बॉलीवुड सफर की शुरुआत ‘तुम मेरे हो’ से बेहतर शायद कुछ और नहीं हो सकती थी।
आपकी ऑन-स्क्रीन जोड़ी की अभी से काफी चर्चा हो रही है। ईशा और गुरमीत की जोड़ी को लेकर आप किस तरह के रिस्पॉन्स की उम्मीद कर रहे हैं ?
गुरमीत : किसी भी रोमांटिक फिल्म में केमिस्ट्री सबसे अहम चीजों में से एक होती है। हमने कई इंटरव्यू में इस बारे में बात की है। अपनी केमिस्ट्री बनाने के लिए हमें बहुत ज्यादा वर्कशॉप करने की जरूरत नहीं पड़ी। कई बार जब कलाकार अपने किरदारों के लिए सही होते हैं, तो उनके बीच का जुड़ाव अपने आप बन जाता है। जब पहले दिन ईशा और मैं कैमरे के सामने आए, तो हमारी वाइब्स अच्छी तरह मैच हुईं। स्क्रिप्ट रीडिंग के दौरान भी हमें लगा कि हमारे बीच कुछ अच्छा बन रहा है। बाद में जब हमने लोकेशन पर शूटिंग शुरू की, तो हमारे डायरेक्टर को भी लगा कि हमारी केमिस्ट्री बहुत खूबसूरती से स्क्रीन पर नजर आ रही है। आखिरकार, अगर रोमांटिक फिल्म में मुख्य कलाकारों की केमिस्ट्री काम नहीं करती, तो फिल्म पर इसका असर पड़ सकता है। शुक्र है कि हमारे मामले में ऐसा नहीं हुआ। इसके अलावा, फिल्म का संगीत कहानी में एक और खूबसूरत रंग जोड़ता है।
गुरमीत, आपने टेलीविजन और फिल्मों दोनों में काम किया है। आपके लिए बड़े पर्दे पर नजर आने का क्या मतलब है ?
गुरमीत : बड़े पर्दे पर आना हमेशा से मेरा सपना रहा है। जब मैं बड़ा हो रहा था, तब फिल्में देखा करता था और सोचता था कि बड़े पर्दे पर खुद को देखना कैसा लगेगा। सिनेमाघर की बड़ी स्क्रीन पर किसी हीरो को अभिनय करते देखना मुझे बहुत रोमांचक लगता था। मैं हमेशा से उस अनुभव का हिस्सा बनना चाहता था । टेलीविजन ने मुझे बहुत कुछ दिया है। इसने मुझे पहचान, सम्मान, नाम और सबसे जरूरी, ऐसा दर्शक वर्ग दिया है, जो मुझे प्यार करता है। मेरी पत्नी देबिना ने भी हमेशा मेरा बहुत साथ दिया है और मुझे अपने पैरों पर खड़े होने में मदद की है । टेलीविजन ने मुझे जो कुछ भी दिया है, उसके लिए मैं हमेशा आभारी रहूँगा। पिछले कुछ वर्षों में मुझे फिल्मों के कई ऑफर मिले, लेकिन मैं ऐसा प्रोजेक्ट चुनना चाहता था, जिससे मेरे दर्शक जुड़ाव महसूस कर सकें। मैंने टेलीविजन पर रोमांटिक शोज किए हैं, लेकिन इस तरह की रोमांटिक फिल्म में वैसा काम नहीं किया था, जैसा मैं करना चाहता था।
‘तुम मेरे हो’ के साथ मुझे लगा कि अब सही समय आ गया है। मैंने सिर्फ इसलिए फिल्म की रचनात्मक प्रक्रिया में दखल नहीं दिया, क्योंकि मैं इसका प्रोड्यूसर भी था। लेखक और निर्देशक ने फिल्म को विकसित किया और मैंने एक अभिनेता के तौर पर अपना सर्वश्रेष्ठ देने पर ध्यान दिया। हम प्यार, केमिस्ट्री और संगीत पर आधारित फिल्म बनाना चाहते थे, न कि बिना किसी जरूरत के नए प्रयोग करना।
बड़े होते समय किन अभिनेताओं ने आपको प्रेरित किया ?
गुरमीत : मुझे हमेशा से फिल्में देखना पसंद रहा है, खासकर पुरानी ब्लैक एंड व्हाइट फिल्में। हमारे लिए सिनेमाघर जाकर फिल्म देखना किसी खास मौके से कम नहीं होता था। हम घर पर वीसीआर पर भी फिल्में देखा करते थे। अमिताभ बच्चन सर मेरे लिए प्रेरणाओं में से एक रहे हैं। बाद में मैं अक्षय कुमार सर का बहुत बड़ा फैन बन गया। मुझे उनका एक्शन, स्टाइल और रफ-एंड-टफ अंदाज बहुत पसंद था। बचपन में मैं भी उनके जैसा कुछ करना चाहता था और खुद को एक्शन सीक्वेंस करते हुए कल्पना करता था। जब मैं मुंबई आया, तो मैंने शाहरुख खान सर की फिल्मों को और करीब से देखना शुरू किया और उनका भी बड़ा प्रशंसक बन गया। उनकी ऑन-स्क्रीन और ऑफ-स्क्रीन पर्सनैलिटी मुझे बहुत प्रेरित करती है। इन कलाकारों को देखकर समझ आता है कि इस पेशे में मेहनत, समर्पण और अपनी अलग पहचान बनाना कितना जरूरी है।
तो क्या भविष्य में हम आपको एक्शन फिल्मों में भी देखेंगे?
गुरमीत : बिल्कुल ! मैं इसके लिए पूरी तरह तैयार हूँ। मुझे एक्शन फिल्में करना बहुत पसंद आएगा, लेकिन मेरा मानना है कि सही समय पर सही प्रोजेक्ट चुनना भी जरूरी है। ‘तुम मेरे हो’ के जरिए मैं एक खूबसूरत कहानी और यादगार संगीत के माध्यम से रोमांस और भावनाओं को दिखाना चाहता था। हर जॉनर का अपना अलग आकर्षण होता है और भविष्य में मैं अलग-अलग तरह के किरदार निभाना चाहूँगा।
ईशा, आपको अपने किरदार तमन्ना में सबसे ज्यादा क्या पसंद आया ?
ईशा : एक अभिनेत्री के तौर पर मेरे मन में ऐसे कई किरदारों की इच्छा रहती है, जिन्हें मैं निभाना चाहती हूँ। खासकर जब मैं उन महिला किरदारों के बारे में सोचती हूँ, जिनसे मैं व्यक्तिगत रूप से जुड़ाव महसूस करती हूँ। मैं ‘जब वी मेट’ की बहुत बड़ी फैन हूँ और करीना कपूर खान मैम का किरदार गीत मुझे बेहद पसंद है। वह चुलबुली, जिंदादिल, अपनी भावनाओं को खुलकर जाहिर करने वाली और एनर्जी से भरपूर लड़की है। मुझे उस किरदार की सबसे अच्छी बात यह लगती है कि उसकी पर्सनैलिटी बहुत स्वाभाविक लगती है। मैं बचपन से ऐसी ही रही हूँ। मेरा चुलबुलापन और अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त करना मेरी पर्सनैलिटी का हिस्सा है। इसलिए मैं ऐसा किरदार निभाना चाहती थी, जिसमें मैं अपनी असलियत को स्क्रीन पर ला सकूँ और साथ ही कुछ नया करने का मौका भी मिले। मेरे लिए तमन्ना बिल्कुल वैसा ही किरदार है। मैं उससे जुड़ाव महसूस करती हूँ और उम्मीद करती हूँ कि दर्शक भी उससे जुड़ पाएँगे।
ईशा, आपकी तुलना करीना कपूर खान से भी की जा रही है, खासकर आपके चुलबुले अंदाज के कारण। आप इस तारीफ को किस तरह लेती हैं ?
ईशा : यह मेरे लिए बहुत बड़ी तारीफ है! यह सुनकर मुझे बेहद खुशी होती है। करीना मैम एक शानदार अभिनेत्री हैं और गीत मेरे पसंदीदा किरदारों में से एक है। जिस कलाकार को मैं इतना पसंद करती हूँ, उससे अपनी तुलना सुनना मेरे लिए बहुत अच्छा अनुभव है।
गुरमीत : मुझे सच में लगता है कि ईशा के अंदर वह चुलबुलापन है। को-एक्टर्स होने के नाते हमारी जिम्मेदारी होती है कि हम एक-दूसरे का साथ दें और एक-दूसरे की खूबियों को स्क्रीन पर सामने लाएँ। मुझे पूरा विश्वास है कि जब ज्यादा प्रोड्यूसर और डायरेक्टर इस फिल्म में उनकी परफॉर्मेंस देखेंगे, तो वे उनकी प्रतिभा की सराहना करेंगे। मेरा मानना है कि यह उनके करियर की एक बहुत ही शानदार शुरुआत है।
प्रतिभा जरूरी है, लेकिन धैर्य, लगातार मेहनत और सीखते रहने की इच्छा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। अगर आप चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं, तो आप अपने लिए कुछ अच्छा और सार्थक कर सकते हैं।
गुरमीत, आपने पिछले कई वर्षों में अलग-अलग फॉर्मेट में काम किया है। फिल्म इंडस्ट्री में आने वाले नए लोगों को आप क्या सलाह देना चाहेंगे?
गुरमीत: मैं नए लोगों से यही कहूँगा कि अगर वे सच में इस इंडस्ट्री में कुछ हासिल करना चाहते हैं, तो उन्हें अपने सपनों के लिए जुनूनी होना पड़ेगा और उन्हें पूरा करने के लिए थोड़े पागलपन की भी जरूरत है। यह सफर आसान नहीं है। आपको मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा, सफलता और असफलता दोनों मिलेंगी और कई बार चीजें आपकी योजना के मुताबिक नहीं होंगी। ऐसे पल भी आएँगे, जब आप निराश होंगे या अपने फैसलों पर सवाल उठाने लगेंगे। लेकिन अगर आपके अंदर आगे बढ़ते रहने का जुनून है और आप मुश्किल दौर का सामना कर सकते हैं, तो आपको अपने सपने जरूर पूरे करने चाहिए। प्रतिभा जरूरी है, लेकिन धैर्य, लगातार मेहनत और सीखते रहने की इच्छा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। अगर आप चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं, तो आप अपने लिए कुछ अच्छा और सार्थक कर सकते हैं।
‘तुम मेरे हो’ से आपकी क्या उम्मीदें हैं ?
ईशा : मुझे उम्मीद है कि दर्शकों को यह फिल्म पसंद आएगी, वे तमन्ना के किरदार से जुड़ाव महसूस करेंगे और गुरमीत के साथ मेरी जोड़ी को स्क्रीन पर एंजॉय करेंगे। यह फिल्म मेरे लिए बहुत मायने रखती है, क्योंकि यह मेरे करियर का एक बड़ा पड़ाव है।
गुरमीत : हमने इस फिल्म के लिए अपना दिल लगा दिया है, खासकर इसके रोमांस, केमिस्ट्री और संगीत के लिए। ट्रेलर और गानों को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है, जिससे हमारी उम्मीदें बढ़ी हैं। अब हम दर्शकों की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि लोग फिल्म का आनंद लें, इसकी भावनाओं से जुड़ें और सिनेमाघर से निकलने के बाद भी इसका संगीत अपने साथ लेकर जाएँ।
अपने प्रशंसकों के लिए कोई संदेश देना चाहेंगे
ईशा और गुरमीत : हमें इतना प्यार और सपोर्ट देने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद। हमें उम्मीद है कि आपको ‘तुम मेरे हो’ पसंद आएगी और आप इस फिल्म को भी उतना ही प्यार देंगे, जितना हमेशा हमें देते आए हैं। हमारा साथ देते रहिए। हम सिनेमाघरों में आप सभी से मिलने का इंतजार कर रहे हैं !
