कोलकाता : वार्डों की संख्या बढ़ाए जाने के प्रस्ताव के बाद KMC ने अपने मुख्यालय में नए पार्षदों के लिए जगह बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। KMC मुख्यालय में 209 पार्षदों को समायोजित करने के लिए प्रारंभिक सर्वेक्षण शुरू किया गया है। अगस्त में विधानसभा द्वारा केएमसी (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किए जाने के बाद KMC में वार्डों की संख्या 144 से बढ़ाकर 209 करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही नगर निगम मुख्यालय में पार्षदों की संख्या भी बढ़ जाएगी। KMC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बंगाल के नगर निकाय प्रशासन के इतिहास में यह पहली बार होगा, जब 200 से अधिक पार्षदों को निगम मुख्यालय में एक साथ समायोजित करना होगा। ऐसे में नए पार्षदों के लिए अतिरिक्त जगह तैयार करना जरूरी है। अधिकारी के मुताबिक, इस पूरी कवायद को दिसंबर के पहले सप्ताह तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। काउंसिल चैंबर में 63 और पार्षदों के लिए जगह KMC मुख्यालय की पहली मंजिल स्थित काउंसिल चैंबर में अतिरिक्त जगह तलाशने का काम शुरू हो गया है। इंजीनियरों और वरिष्ठ अधिकारियों की टीम उपलब्ध स्थान का निरीक्षण कर रही है। वर्तमान में काउंसिल चैंबर में 146 लोगों की बैठने की व्यवस्था है। अब इसमें 63 और पार्षदों के लिए जगह तैयार करनी होगी। काउंसिल चैंबर में वार्डों से निर्वाचित पार्षदों के अलावा मेयर, डिप्टी मेयर और मेयर-इन-काउंसिल के सदस्य मासिक हाउस बैठक में शामिल होते हैं। यहीं नगर निगम से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा, नीतियों पर बहस और वार्षिक बजट को मंजूरी दी जाती है। नए पार्षदों के लिए कम से कम टेबल और कुर्सी की व्यवस्था करनी होगी। इसके लिए लागत का अनुमान तैयार किया जा रहा है। ऐतिहासिक है केएमसी का काउंसिल चैंबर KMC का यह काउंसिल चैंबर ऐतिहासिक महत्व भी रखता है। देश के सबसे पुराने शहरी स्थानीय निकायों में शामिल KMC के इस सदन में अतीत में स्वतंत्रता सेनानियों ने भी बैठकर काम किया है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस और चित्तरंजन दास, दोनों ही KMC के मेयर रह चुके हैं। अब वार्डों की संख्या बढ़ने के साथ इसी ऐतिहासिक काउंसिल चैंबर में 209 पार्षदों को समायोजित करने की चुनौती नगर निगम के सामने हैं।
