कोलकाता : दुर्गापूजा के दौरान कोलकाता मेट्रो में यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। पंचमी से दशमी तक इस वर्ष कुल 61.51 लाख यात्रियों ने मेट्रो सेवाओं का इस्तेमाल किया। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 46.56 लाख थी।
इस तरह सालाना आधार पर यात्रियों की संख्या में करीब 32 फीसदी की वृद्धि हुई। पूजा के दौरान शहर में पंडाल दर्शन और अन्य गतिविधियों के लिए बड़ी संख्या में लोगों के निकलने से मेट्रो पर यात्रियों का दबाव बढ़ गया।
षष्ठी के दिन बना सर्वाधिक दैनिक यात्रियों का रिकॉर्ड
देश के सबसे पुराने मेट्रो नेटवर्क ने दुर्गापूजा के षष्ठी दिवस पर एक नया रिकॉर्ड बनाया। उस दिन कुल 12.01 लाख यात्रियों ने मेट्रो से सफर किया। एक ही दिन में यात्रियों की इतनी बड़ी संख्या दर्ज होना कोलकाता में पूजा के दौरान सार्वजनिक परिवहन की अहम भूमिका को दर्शाता है। भीड़ के बीच यात्रियों को सुचारु सेवा उपलब्ध कराना मेट्रो प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रही।
दमदम स्टेशन पर सबसे ज्यादा भीड़
पंचमी से दशमी तक यात्रियों की आवाजाही के मामले में डमडम मेट्रो स्टेशन सबसे आगे रहा। इस अवधि में यहां 4.97 लाख से अधिक यात्रियों का आवागमन दर्ज किया गया। दूसरे स्थान पर कालीघाट स्टेशन रहा, जहां 4.83 लाख से ज्यादा यात्रियों ने मेट्रो सेवा का इस्तेमाल किया।
वहीं, सियालदह स्टेशन पर इस दौरान 4.19 लाख से अधिक यात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि पूजा के दिनों में प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों का दबाव काफी अधिक रहा।
भीड़ नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती
दुर्गापूजा के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को संभालने के लिए मेट्रो रेलवे ने विशेष इंतजाम किए। व्यस्त स्टेशनों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई, ताकि यात्रियों की आवाजाही व्यवस्थित रहे और परिचालन सुचारु रूप से जारी रखा जा सके। भीड़ प्रबंधन के साथ यात्रियों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई।
आरपीएफ और राज्य पुलिस ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था
मेट्रो रेलवे ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए राज्य पुलिस विभाग के साथ समन्वय किया। विभिन्न स्टेशनों पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राज्य पुलिस के पर्याप्त जवान तैनात किए गए।
इसका उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करना, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और पूजा के दौरान मेट्रो सेवाओं को व्यवस्थित बनाए रखना था। यात्रियों की संख्या में हुई वृद्धि के बीच इन व्यवस्थाओं ने परिचालन और सुरक्षा प्रबंधन को महत्वपूर्ण बनाया।
