सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सनातनी परंपराओं को संरक्षित रखने के प्रयासों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सन्मार्ग, टीएजी कम्यूनिस और प्रयास की ओर से आयोजित दुर्गापूजा परिक्रमा ‘सनातनेर खोजे’ का समापन ‘सनातनेर खोजे पुरस्कार 2026’ के वितरण के साथ हुआ। इस पहल के तहत पारंपरिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजने वाली पांच दुर्गापूजा समितियों को सम्मानित किया गया।

सम्मान प्राप्त करने वाली समितियों में साल्टलेक की बीसी ब्लॉक रेजिडेंट्स एसोसिएशन दुर्गापूजा, अहिरीटोला युवकवृंद, समाजसेवी संघ, त्रिधारा सम्मिलनी और यूथ एसोसिएशन, पोद्दोपुकुर शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य बंगाल की दुर्गापूजा से जुड़ी पारंपरिक पूजा पद्धतियों, धार्मिक मान्यताओं और सांस्कृतिक पहचान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। आयोजकों ने उन पूजा समितियों के योगदान को रेखांकित किया, जो बदलते समय में भी परंपराओं और विरासत को जीवंत बनाए हुए हैं। ‘सनातनेर खोजे’ केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि बंगाल की सांस्कृतिक जड़ों को समझने और उन्हें सहेजने की पहल है। सन्मार्ग, टीएजी कम्यूनिस और प्रयास ने इस आयोजन के माध्यम से आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
