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जीएमसीएच में पूर्वोत्तर का पहला सरकारी यकृत प्रत्यारोपण सफल
২৪/১০/২০২৬

गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 16 घंटे तक चला जटिल ऑपरेशन
स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल ने इसे असम की चिकित्सा सेवाओं में ऐतिहासिक उपलब्धि बताया
गुवाहाटी:
असम ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में सफलतापूर्वक यकृत प्रत्यारोपण यानी लिवर ट्रांसप्लांट किया गया है। असम के स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत के किसी सरकारी अस्पताल में इस तरह का यह पहला सफल प्रत्यारोपण है। 23 अक्टूबर की रात शुरू हुआ यह जटिल ऑपरेशन लगभग 16 घंटे तक चला। इस उपलब्धि से असम सहित पूर्वोत्तर के सरकारी अस्पतालों में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद बढ़ी है। डॉ. सेंथिल कुमार के नेतृत्व में ऑपरेशन
जीएमसीएच में किए गए इस प्रत्यारोपण का नेतृत्व डॉ. सेंथिल कुमार ने किया। ऑपरेशन को सफल बनाने में चिकित्सकों, विशेषज्ञों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की समन्वित भूमिका रही। यकृत प्रत्यारोपण एक जटिल शल्य प्रक्रिया है, जिसमें विशेषज्ञ डॉक्टरों, प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मचारियों और आधुनिक उपकरणों की आवश्यकता होती है। स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे राज्य की चिकित्सा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उनके अनुसार, इस उपलब्धि के साथ जीएमसीएच देश के उन चुनिंदा सरकारी मेडिकल कॉलेजों में शामिल हो गया है, जहां यकृत प्रत्यारोपण जैसी जटिल चिकित्सा प्रक्रियाएं की जा सकती हैं। सरकारी अस्पतालों में उन्नत उपचार की उम्मीद
असम में इस सफलता को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यकृत संबंधी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को प्रत्यारोपण की जरूरत पड़ने पर अक्सर विशेष चिकित्सा केंद्रों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में सरकारी अस्पताल में यह सुविधा विकसित होना राज्य के लिए अहम है। हालांकि, इस उपलब्धि से मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का वास्तविक विस्तार प्रत्यारोपण सेवाओं की निरंतर उपलब्धता, विशेषज्ञों की संख्या और आवश्यक चिकित्सा संसाधनों पर निर्भर करेगा। अस्पताल में इस तरह की प्रक्रियाओं को नियमित रूप से संचालित करने के लिए पर्याप्त तकनीकी और चिकित्सकीय व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी होगा।मुख्यमंत्री के नेतृत्व में स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार
स्वास्थ्य मंत्री ने इस उपलब्धि का श्रेय मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व और राज्य सरकार की स्वास्थ्य संबंधी पहलों को दिया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में असम में उन्नत प्रत्यारोपण सुविधाओं के विकास के लिए रणनीतिक कदम उठाए गए थे। मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि जीएमसीएच में सफल प्रत्यारोपण राज्य में विशेष चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की शुरुआत है। इस दिशा में आगे भी प्रयास किए जाएंगे, ताकि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध हो सके। पूर्वोत्तर की चिकित्सा व्यवस्था के लिए नया अध्याय
जीएमसीएच की यह उपलब्धि असम के सरकारी चिकित्सा क्षेत्र में नई संभावनाएं खोलती है। इससे जटिल बीमारियों के उपचार के लिए राज्य के चिकित्सा संस्थानों की भूमिका मजबूत हो सकती है। साथ ही, विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को सरकारी अस्पतालों तक पहुंचाने की दिशा में भी इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।মূল প্রতিবেদনে যান ↗