निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बरानगर: दुर्गापूजा में सप्तमी के दिन चोरबागान में प्रतिमा दर्शन के दौरान जान गंवाने वाले बरानगर के घोष दंपति के परिवार से मिलने बुधवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी 14/1, एम.के. चटर्जी स्ट्रीट स्थित उनके आवास पहुंचे। मुख्यमंत्री ने परिवार के सदस्यों के साथ करीब 10 मिनट तक बातचीत की और उन्हें हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये का चेक सौंपा। साथ ही दंपति के बेटे के भविष्य की जिम्मेदारी में सहयोग करने और उसे अपने बच्चे की तरह मदद देने का आश्वासन भी दिया। परिवार के सदस्यों ने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने आर्थिक सहायता देने के साथ मुश्किल घड़ी में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिया है। दंपति की मौत से परिवार में शोक का माहौल है। मुख्यमंत्री की इस मुलाकात को दुख की घड़ी में परिवार को संबल देने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री की मुलाकात के दौरान एक भावुक पल भी देखने को मिला। एक बच्चे ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की तस्वीर बनाकर उन्हें भेंट की। मुख्यमंत्री ने तस्वीर पर ‘शुभ विजया’ लिखकर हस्ताक्षर किए और उसे बच्चे को वापस सौंप दिया। उन्होंने बच्चे को प्यार किया और उससे बातचीत करते हुए उसकी पढ़ाई-लिखाई के बारे में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कुछ समय बच्चे के साथ बिताया। बच्चे ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने उसे इस तरह स्नेह दिया और उसकी तस्वीर पर हस्ताक्षर कर शुभकामना संदेश लिखा। इस दिन ही मुख्यमंत्री बरानगर से पहले न्यू बैरकपुर के लेनिनगढ़ इलाके में चोरबागान की घटना में मृत प्रिया समाद्दार के घर गए। उन्होंने परिवार के सदस्यों से बातचीत की और मुआवजे का चेक सौंपा। घर से बाहर निकलकर मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकारी तौर पर हर संभव मदद की जाएगी। लड़की की मां को सरकारी नौकरी दी जाएगी। घर में छोटी बेटी है। इसके अनुसार परिवार के साथ खड़े रहने का उन्होंने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया। इसके बाद वह मृत प्रांजल सरकार के अगरपाड़ा स्थित घर गए। परिवार के सदस्यों से बातचीत कर उन्होंने उनके साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया।
विधायक सजल घोष ने कहा, परिवार के साथ खड़ी रहेगी सरकार
इस मौके पर बरानगर के विधायक सजल घोष ने कहा कि मुख्यमंत्री ने परिवार को सहायता का भरोसा दिया है और सरकार की ओर से 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। भविष्य में परिवार उनसे संपर्क करता है, तो वे हरसंभव सहयोग करने का प्रयास करेंगे। घटना के लिए प्रशासन या पूजा कमेटी की जिम्मेदारी तय करने संबंधी सवाल पर विधायक ने कहा कि इतनी बड़ी त्रासदी के समय राजनीति करना उचित नहीं है। उन्होंने जादवपुर की घटना का उल्लेख करते हुए सोशल मीडिया पर पुलिस की भूमिका को लेकर उठे सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पूछा कि सोशल मीडिया पर पुलिस के बुक स्टॉल तोड़ने में व्यस्त होने के दावे के समर्थन में क्या प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही हर बात पर वे ध्यान नहीं देते।
