तेहरान : ईरान ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए अमेरिका को क्षेत्र से अपनी सेना हटानी होगी। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने परमाणु हथियार बनाने की मंशा से इनकार करते हुए बातचीत की तत्परता जताई है। ईरानी सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरमिनिया ने कहा कि अमेरिकी सेना की वापसी से क्षेत्रीय देश सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था स्थापित कर सकेंगे और वैश्विक अर्थव्यवस्था को लाभ होगा। अकरमिनिया ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, “अगर अमेरिका क्षेत्र से हट जाता है, तो होर्मुज जलडमरूमध्य खुल जाएगा, क्षेत्रीय देशों की भागीदारी से सामूहिक सुरक्षा स्थापित होगी और वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार होगा। अगर वह नहीं हटता, तो हम उसे बाहर निकाल देंगे।”
परमाणु हथियार बनाने से इनकार : पेजेशकियान ने आर्मेनिया की राजधानी येरेवन में संयुक्त राष्ट्र के जैव विविधता सम्मेलन से इतर जॉर्जिया के प्रधानमंत्री इराकली कोबाखिद्जे से मुलाकात के दौरान ईरान के परमाणु हथियार बनाने की कोशिशों संबंधी आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बना रहा है और उसके खिलाफ दुष्प्रचार झूठ पर आधारित है। पेजेशकियान ने बातचीत के लिए तत्परता जताते हुए कहा कि ईरान दबाव के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने अमेरिका के प्रतिबंधों को अनुचित और अमानवीय बताया। उन्होंने जॉर्जिया के साथ संबंध मजबूत करने की भी अपील की।
ट्रंप का जमीनी सैनिक भेजने से इनकार : इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनका ईरान के खिलाफ परमाणु हथियार इस्तेमाल करने या वहां जमीनी सैनिक भेजने का इरादा नहीं है। एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि परमाणु हथियार इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है और अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी परमाणु शक्ति है। उनसे अमेरिकी सेना की ओर से जीबीयू-43/बी एमओएबी बम इस्तेमाल करने की संभावनाओं संबंधी खबरों के बारे में भी पूछा गया। इसे ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ कहा जाता है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह परमाणु बम नहीं, बल्कि बेहद शक्तिशाली पारंपरिक बम है। हालांकि, उन्होंने इसके इस्तेमाल संबंधी खबरों की स्पष्ट पुष्टि या खंडन नहीं किया।
