अमावस्या की अंधेरी रात में दीप, धूप, मंत्रोच्चार और बलिदान के साथ भक्त करते हैं मां काली की आराधना, सदियों पुरानी परंपरा आज भी जीवंत
माँ काली का पाषाण स्वरूप Photo
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Sanmarg · সাধারণ
২৪/১০/২০২৬

अमावस्या की अंधेरी रात में दीप, धूप, मंत्रोच्चार और बलिदान के साथ भक्त करते हैं मां काली की आराधना, सदियों पुरानी परंपरा आज भी जीवंत
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