कोलकाता : साल्ट लेक के बी.एफ. पार्क रामलीला मैदान में भारतीय संस्कृति मंच की ओर से आयोजित सात दिवसीय ‘रामलीला मंचन 2026’ में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। बुधवार को तीसरे दिन भगवान श्रीराम के वनवास की भावपूर्ण प्रस्तुति ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम में भाजपा के पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद शमिक भट्टाचार्य विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कैकेयी के वरदान और श्रीराम के वनगमन का मंचन
राजतिलक की तैयारियों के बीच माता कैकेयी द्वारा दो वरदान मांगने, राजा दशरथ की विवशता तथा पिता के वचन की रक्षा के लिए श्रीराम के सीता और लक्ष्मण के साथ वन जाने के प्रसंगों का मंचन किया गया। इन दृश्यों ने दर्शकों को भावुक कर दिया।
इससे पहले 12 अक्टूबर को एमामी समूह के संस्थापक आर.एस. गोयनका ने आयोजन का उद्घाटन किया था। 13 अक्टूबर को श्रीराम-सीता विवाह समारोह में लगभग 3,500 से 4,000 श्रद्धालु शामिल हुए थे।
गणमान्य अतिथियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में जेआईएस समूह के संयुक्त प्रबंध निदेशक सरदार हरनजीत सिंह, विप्र फाउंडेशन के संस्थापक सुशील ओझा और भाजपा नेता राकेश सिंह भी उपस्थित रहे। विवाह समारोह में भाजपा की प्रदेश महासचिव एवं पूर्व सांसद लॉकेट चटर्जी सहित कई विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया।
सीता हरण और दशरथ निधन का होगा मंचन
15 अक्टूबर को चौथे दिन स्वर्ण मृग प्रसंग, रावण द्वारा सीता हरण, राजा दशरथ के निधन और भरत-शत्रुघ्न के अयोध्या लौटने की घटनाओं का मंचन होगा। मानवेंद्र कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में 50 से अधिक कलाकार रामलीला प्रस्तुत कर रहे हैं।
मंच के अध्यक्ष नवल जालान, उपाध्यक्ष रमेश कुमार अग्रवाल, सचिव अधिवक्ता अभिषेक डोकानिया, संयुक्त सचिव पंकज भालोटिया और कोषाध्यक्ष सीए रूपक केडिया ने आयोजन में सहयोग देने वाले अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं के प्रति आभार जताया।
