पलक एक ऐसी लड़की है जिसका किसी पार्टी में आना वसंत ऋतु के समान लगता है। उसके आते ही पूरी महफिल खुशनुमा हो जाती है। उससे बात करके मन खुश होता है क्योंकि उसकी सोच बहुत सकारात्मक है। आप भी पलक की तरह हर पार्टी में अपना रंग जमा सकते हैं। जरूरत है बस सकारात्मक सोच की। यही सोच आपके व्यक्तित्व का विकास करती है। लगन व मेहनत से हम व्यक्तित्व में निखार ला सकते हैं। आइये जानें व्यक्तित्व में आकर्षक प्रभाव लाने के कुछ चुम्बकीय नुस्खे:-
परिस्थितियों के अनुरूप जीना सीखें। टेंशन को अपने से दूर रखिये। आपने यह देखा ही होगा कि दुख या उदासी में कोई आपका साथ नहीं देता, परंतु सुख व खुशी में सब आपके साथ होते हैं। मुस्कुराते चेहरे को सब पसंद करते हैं, इसलिए खुशियों के करीब आइये। इधर-उधर घूमने फिरने के बजाय काम में अपना समय व्यतीत करें।
धैर्यवान होना भी अच्छे व्यक्तित्व के विकास में सहायक होता है। यदि जीवन में कोई तकलीफ आ भी जाए तो उन्हें दूर करने के साधन ढूंढने चाहिए, घबराना नहीं चाहिए। तकलीफ में भी यदि आप अपने चेहरे पर खुशी जाहिर रखेंगे तो लोग आपकी तारीफ किए बिना नहीं रह पाएंगे।
हर रिश्ते के प्रति सहज होना चाहिए। आपका ध्यान केवल उसी पर है, यह दूसरे को जाहिर नहीं करना चाहिए। इससे दूसरा यह महसूस करता है कि उसकी बहुत अहमियत है, लेकिन अपनी अहमियत को बनाये रखें। हरेक के ध्यान का केंद्र स्वयं जरूर बनें, अर्थात हमारा व्यक्तित्व इतना प्रभावशाली होना चाहिए कि लोग आपकी बातों व भावनाओं को समझें व उन्हें इज्ज़त दें।
सभी के साथ संबंध होने चाहिए, चाहे वह कोई भी रिश्ता हो लेकिन एक सीमा में रहकर कई बार हम अपनेपन में कुछ गलतियां कर जाते हैं जिनका हमें पता ही नहीं चलता और पछताना पड़ता है। संबंध भी खराब होते हैं। अतः पहले से ही यह सोच लेना चाहिए कि किसके साथ कितनी हद तक संबंध रखने हैं। संबंधों में दिल के साथ-दिमाग का भी इस्तेमाल करना चाहिए।
अच्छा नजरिया भी आपके व्यक्तित्व के विकास में सहायक है। यदि आपका नज़रिया दकियानूसी या शक्की है तो लोग आपसे दूर रहना पसंद करेंगे। बदलते समय के साथ यदि अपना नज़रिया भी बदलेंगे तो समाज में आपकी इज़्जत भी बनी रहेगी और लोग आपसे सलाह-मशवरा करना पसंद करेंगे क्योंकि आपका बदलता नजरिया उनकी बातें समझने में सक्षम है।
अपने व्यक्तित्व को इतना आकर्षक व मजबूत बनायें कि लोग आपके जैसा बनने की कोशिश करें। आप दूसरों के लिए एक उदाहरण बन जायें। इससे आप में भी एक आत्मविश्वास आएगा जिससे कोई भी मुश्किल आप आसानी से हल कर पाएंगे। अपने काम को अच्छी तरह ध्यानपूर्वक करें। लक्ष्य बना कर काम करने से दिमाग इधर-उधर नहीं भटकता। (उर्वशी) शैली माथुर
