सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजय पुरम -- अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के होनहार युवा शतरंज खिलाड़ी और वर्तमान अंडमान एवं निकोबार राज्य शतरंज चैंपियन 2026 जेएस विराट ने राष्ट्रमंडल विद्यालय शतरंज प्रतियोगिता 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत और अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह का नाम रोशन किया है। उन्होंने 4 से 12 अक्टूबर 2026 तक मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में आयोजित इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के अंतर्गत 13 वर्ष से कम आयु वर्ग की ओपन तीव्र गति शतरंज स्पर्धा में भारतीय दल को स्वर्ण पदक तथा ओपन अति तीव्र गति स्पर्धा में रजत पदक दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
तीव्र गति शतरंज स्पर्धा में विराट ने प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए 4.5 अंक अर्जित किए। इस उपलब्धि के साथ वह अपनी आयु श्रेणी में भारतीय खिलाड़ियों के बीच सर्वाधिक अंक हासिल करने वाले खिलाड़ी बने। उनके इस बहुमूल्य योगदान ने भारत के स्वर्ण पदक जीतने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विराट का प्रदर्शन प्रतियोगिता के दौरान उनकी खेल क्षमता, निरंतरता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की योग्यता को दर्शाता है।
भारत ने तीव्र गति शतरंज स्पर्धा में कुल 13 अंक अर्जित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। सिंगापुर की टीम 12 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रही और उसे रजत पदक मिला, जबकि श्रीलंका ने कांस्य पदक हासिल किया। इस प्रकार भारतीय दल ने प्रतियोगिता की इस स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
13 वर्ष से कम आयु वर्ग की ओपन अति तीव्र गति शतरंज स्पर्धा में भी विराट ने अपना प्रभावशाली प्रदर्शन जारी रखा। इस स्पर्धा में भी वह अपनी श्रेणी के भारतीय खिलाड़ियों में सर्वाधिक अंक हासिल करने वाले खिलाड़ी बने। उनके महत्वपूर्ण योगदान से भारतीय दल रजत पदक जीतने में सफल रहा। इस उपलब्धि ने विराट के उभरते शतरंज करियर में एक और महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सफलता जोड़ दी है।
इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग सात आयु वर्ग निर्धारित किए गए थे। इनमें 7 वर्ष से कम, 9 वर्ष से कम, 11 वर्ष से कम, 13 वर्ष से कम, 15 वर्ष से कम, 17 वर्ष से कम तथा 19 वर्ष से कम आयु वर्ग शामिल थे। प्रतियोगिता का आयोजन तीव्र गति, अति तीव्र गति और परंपरागत शतरंज सहित तीन प्रारूपों में किया गया। इससे युवा खिलाड़ियों को समय नियंत्रण की अलग-अलग प्रणालियों के अंतर्गत अपनी प्रतिभा दिखाने और विभिन्न देशों के खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिला।
इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में ऑस्ट्रेलिया, भारत, श्रीलंका, पाकिस्तान, मलेशिया, सिंगापुर, नामीबिया, कनाडा, बांग्लादेश और न्यूजीलैंड सहित कई राष्ट्रमंडल देशों के युवा शतरंज खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में विभिन्न देशों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। भारत ने सर्वाधिक स्वर्ण पदक जीतकर समग्र चैंपियन का खिताब हासिल किया और प्रतियोगिता की विजेता ट्रॉफी अपने नाम की।
विराट की इस उत्कृष्ट अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि से अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में गर्व की भावना है। उनकी सफलता द्वीपसमूह में उभरती शतरंज प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाती है। साथ ही, उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है और उन्हें शतरंज के क्षेत्र में आगे बढ़ने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
इस बीच, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के एफआई, आईए नीलैया बी ने भी इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने प्रतियोगिता में क्षेत्रीय निर्णायकों में से एक के रूप में अपनी सेवाएं दीं। इस प्रकार उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शतरंज आयोजन में तकनीकी जिम्मेदारी निभाते हुए द्वीपसमूह का प्रतिनिधित्व किया। विराट की पदक विजेता भारतीय टीमों में भूमिका और नीलैया बी की निर्णायक के रूप में भागीदारी ने इस प्रतियोगिता में अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह की उपस्थिति को विशेष महत्व प्रदान किया।
